दिल्ली के सत्य निकेतन PG हादसे ने राजधानी में छात्र आवास की बदहाल स्थिति उजागर कर दी है। दिल्ली विश्वविद्यालय के 2.51 लाख से अधिक रेगुलर छात्रों के लिए केवल 7,224 आधिकारिक हॉस्टल बेड उपलब्ध हैं। बाकी छात्रों को प्राइवेट पीजी या किराये के कमरों में रहना पड़ता है, जहाँ एक बेड के लिए हर महीने 15 से 25 हजार रुपये देने पड़ते हैं। कई इमारतें इतनी कमजोर हैं कि सड़क पर गुजरते ट्रक के कंपन से दीवारें हिलने लगती हैं और हल्के भूकंप में भी गिर सकती हैं। दिल्ली भूकंप के रेड जोन में आता है। छात्र महंगे और असुरक्षित PG में रहने को मजबूर हैं? क्या सुरक्षित और किफायती छात्र आवास सरकार और DU की प्राथमिकता नहीं होनी चाहिए? Video-@hemannt_yadava देखिए पूरी वीडियो Molitics के YouTube चैनल पर। लिंक - #Delhi #SatyaNiketan #DelhiUniversity #StudentSafety #DelhiNews
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