उत्तर प्रदेश के सहारनपुर कलेक्ट्रेट परिसर स्थित मस्जिद को ध्वस्त किए जाने और मस्जिद समिति पर भारी-भरकम जुर्माना लगाने के मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने बड़ा रुख अपनाया है। जस्टिस रोहित रंजन अग्रवाल की एकल पीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए यूपी राज्य सरकार को विस्तृत काउंटर एफिडेविट (जवाब) दाखिल करने के लिए 3 सप्ताह का समय दिया है। इसके साथ ही अदालत ने प्रशासनिक आदेश के तहत मस्जिद समिति से ₹6.41 करोड़ से अधिक की जुर्माना वसूली पर अगली सुनवाई (12 अक्टूबर) तक अंतरिम रोक लगा दी है। उल्लेखनीय है कि कलेक्ट्रेट परिसर में बनी इस मस्जिद को सिटी मजिस्ट्रेट की अदालत द्वारा अवैध निर्माण करार दिए जाने के बाद 4 बुलडोजरों के जरिए तड़के ध्वस्त कर दिया गया था और ₹6.41 करोड़ का जुर्माना ठोका गया था। विपक्ष और स्थानीय जनप्रतिनिधियों (जैसे इकरा हसन व इमरान मसूद) ने इस बुलडोजर एक्शन को जल्दबाजी और असंवैधानिक करार दिया था। अब उच्च न्यायालय द्वारा वसूली आदेश पर रोक लगाने और सरकार से जवाब मांगने के फैसले को मस्जिद समिति और याचिकाकर्ताओं के लिए राहत के रूप में देखा जा रहा है। #Saharanpur #AllahabadHighCourt #BulldozerAction #UPGovernment #SaharanpurMosque
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