केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने 90 के दशक का एक पुराना किस्सा सुनाते हुए कहा कि मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे बनाते वक्त उनसे प्लानिंग में चूक हो गई थी। उन्होंने मजाकिया अंदाज में कबूला कि अफसर तो 4-लेन कह रहे थे, उन्होंने 10-लेन बनवा दिया, लेकिन विदेश जाने के बाद लगा कि इसे तो 40-लेन का बनना चाहिए था! आगे बढ़ते हुए मंत्री जी ने दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे का उदाहरण दिया, जहां अक्षरधाम के पास 40-लेन जैसी चौड़ी सड़क होने के बावजूद ट्रैफिक रेंगता रहता है। यानी हाईवे कितना भी चौड़ा कर लो, गाड़ियां और जाम तो फिर भी हावी रहेंगे! खैर, गडकरी जी की नसीहत बिल्कुल साफ है जब भी देश में इंफ्रास्ट्रक्चर की प्लानिंग हो, तो अफसरों को आज नहीं, बल्कि अगले 20 से 50 साल आगे का विजन दिमाग में रखकर काम करना चाहिए। #NitinGadkari #Infrastructure #DelhiMeerutExpressway #MumbaiPuneExpressway
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