द इंडियन एक्सप्रेस की एक इन्वेस्टिगेटिव रिपोर्ट के मुताबिक, चुनाव आयोग के तीन सदस्यों में से दो चुनाव आयुक्त - सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी ने पिछले 10 महीनों में कम से कम 14 बार आधिकारिक तौर पर आपत्तियां दर्ज कीं। इनमें एक ही दिन में 4 आपत्तियां भी शामिल हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों आयुक्तों ने कई फैसलों और आदेशों को लेकर कहा कि उन्हें इसकी जानकारी या मंजूरी नहीं दी गई थी। उनकी आपत्तियां नए वोटरों के रजिस्ट्रेशन, वोटर लिस्ट से नाम हटाने और बहाल करने, SIR प्रक्रिया और वोटर डेटा की सुरक्षा जैसे अहम मुद्दों से जुड़ी थीं। Form 6 में बदलाव पर भी सवाल नए वोटरों के लिए इस्तेमाल होने वाले Form 6 में SIR से जुड़ा एक नया सवाल जोड़े जाने पर दोनों आयुक्तों ने आपत्ति जताई। विवेक जोशी ने मई में कहा था कि Form 6 एक वैधानिक फॉर्म है और इसे बदलने के लिए Registration of Electors Rules, 1960 में संशोधन जरूरी होगा। 19 मई को संधू ने भी उनकी राय से सहमति जताई। इसके बावजूद बदलाव किया गया। अगस्त में संधू ने इसे “अनधिकृत और गैर-कानूनी” बताते हुए इसे तुरंत हटाने की मांग की। वोटर डेटा के केंद्रीकरण पर चिंता दोनों आयुक्तों ने चुनावी डेटा के IT सिस्टम ECINet के जरिए वोटर लिस्ट के नियंत्रण के केंद्रीकरण पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि इससे राज्यों और जमीन पर काम करने वाले Electoral Registration Officers (ERO) की भूमिका प्रभावित हो सकती है। रिपोर्ट के मुताबिक, गोवा में 97 ऐसे मतदाताओं का मामला सामने आया, जिन्हें संबंधित ERO ने योग्य पाया था, लेकिन सॉफ्टवेयर के स्तर पर उनके फैसले दर्ज नहीं हो सके। कैबिनेट सचिव तक पहुंची शिकायत मामला इतना बढ़ा कि संधू और जोशी ने अलग-अलग पत्र लिखकर कैबिनेट सचिव के सामने भी वोटर डेटा के IT सिस्टम और काम के बंटवारे को लेकर अपनी चिंताएं रखीं। रिपोर्ट के मुताबिक, 9 सितंबर को CEC ज्ञानेश कुमार और दोनों चुनाव आयुक्तों की चार महीने में पहली पूर्ण बैठक हुई। वहीं, द इंडियन एक्सप्रेस के सवालों पर चुनाव आयोग और दोनों आयुक्तों की ओर से कोई जवाब नहीं दिया गया। यह पूरा विवाद इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि चुनाव आयोग एक तीन सदस्यीय संवैधानिक संस्था है। कानून के मुताबिक आयोग के कामकाज में जहां संभव हो, सर्वसम्मति का प्रयास होना चाहिए और मतभेद की स्थिति में बहुमत से फैसला होता है। #ElectionCommission #ECI #SIR #VoterList #IndianPolitics
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