चुनाव आयोग के फैसलों पर क्यों उठीं आपत्तियां? 'द इंडियन एक्सप्रेस' की जांच रिपोर्ट के अनुसार, वोटर लिस्ट मैनेजमेंट और SIR प्रक्रिया को लेकर चुनाव आयोग के भीतर ही 10 महीनों में 14 बार आपत्तियां दर्ज की गईं। 30 राज्यों में ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से 13 करोड़ से ज़्यादा नाम हटाए जाने के बाद अब चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं आयोग ने इन आपत्तियों को सामान्य प्रशासनिक प्रक्रिया और सर्वसम्मति से लिए गए फैसलों का हिस्सा बताया। क्या SIR प्रक्रिया पर उठ रहे सवाल जायज हैं? क्या चुनाव आयोग के अंदर सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है? चर्चा - @neeraj_jhaa और @Nivedita_Shan Link - #ElectionCommission #SIR #VoterRolls #DemocracyInIndia #GyaneshKumar #VoterNameDraftList
Open in BitSocialBitSocial — the social app with no off switch