राष्ट्रीय राजधानी और NCR में महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के प्रशासनिक दावों की धज्जियां उड़ती दिख रही हैं। सितंबर 2026 के शुरुआती 15 दिनों में दिल्ली-NCR में बलात्कार और गंभीर यौन उत्पीड़न के कम से कम 13 मामले सामने आ चुके हैं। गुरुग्राम में 5 साल की मासूम से हैवानियत, पश्चिम दिल्ली में स्कूल-कैब ड्राइवर द्वारा 4 साल की बच्ची का शोषण, सदर बाजार में 10 साल की बच्ची के हाथ-पैर बांधकर दुकान में अत्याचार और दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के आस्था कुंज पार्क में खुद को पुलिसकर्मी बताकर 17 साल की किशोरी से गैंगरेप जैसी घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है। दिल्ली पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, इस साल 15 सितंबर तक दिल्ली में यौन अपराधों के 1,020 मामले दर्ज किए गए हैं, जिनमें से 653 मामले (लगभग 64%) मासूम बच्चों से जुड़े POCSO एक्ट के तहत हैं। आंकड़े बताते हैं कि 86% से ज्यादा मामलों में आरोपी पीड़ित के रिश्तेदार, पड़ोसी या परिचित ही निकले हैं। घर के भीतर से लेकर सार्वजनिक पार्कों, दुकानों और सड़कों तक लगातार घटती ये घटनाएं राजधानी में कानून-व्यवस्था की पोल खोल रही हैं। #DelhiNCR #WomenSafety #POCSO #DelhiPolice #NCRNews
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