नागरिकों से कर्तव्यों की माँग, लेकिन संवैधानिक संस्थाओं की जवाबदेही से भागना क्यों? जब जनता से देश को प्राथमिकता देने की उम्मीद की जाती है, तब उनके वोटों और चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर उठते सवालों पर चुप्पी क्यों साध ली जाती है? चुनाव आयोग की निष्पक्षता, मतदाता सूची में गड़बड़ी की ख़बरें और सवाल पूछने वाले नागरिकों पर आक्रामक रुख़ लोकतंत्र पर बड़े सवाल खड़े करते हैं। जब राजनीतिक वादे और चुनावी निष्पक्षता आपस में उलझते हैं, तो आख़िर जवाबदेही किसकी तय होगी? चर्चा - @Nivedita_Shan और @neeraj_jhaa लिंक - #ElectionCommission #VoterIntegrity #Democracy #VoterRights #PublicAccountability
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