राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत का भारत की विविधता, सद्भाव और हिंदुत्व की मूल अवधारणा को लेकर एक बड़ा बयान सामने आया है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि अगर कोई यह मानता है कि भारत में मुसलमान नहीं होने चाहिए, तो वह सच्चा हिंदू हो ही नहीं सकता। आरएसएस प्रमुख ने इस बात पर जोर दिया कि हिंदुत्व का अर्थ सभी धर्मों और विचारों का सम्मान करना है। उन्होंने कहा कि खुद को हिंदू मानने वाले हर व्यक्ति को यह स्वीकार करना होगा कि ईश्वर तक पहुंचने के सभी रास्ते एक ही लक्ष्य की ओर जाते हैं और इंसानों के बीच किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं होना चाहिए। #MohanBhagwat #RssChief #IndianCulture #Secularism
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