देश आज़ादी के 80 साल मनाने को है. मगर देश के मजबूर और वंचित आदिवासी, जिनका जीवन बंदूकों के साए में पला, वे अभी यह तय नहीं कर पा रहे कि वे अपने बच्चों को आगे क्या बनाएंगे. शायद इसलिए, क्योंकि बस्तर के कई घर ऐसे हैं, जहां पहली पीढ़ी अभी स्कूल जा पा रही है. वे आदिवासी स्कूल या शिक्षा का कभी मुंह नहीं देख पाए. लेकिन अब उनके हालात बदल रहे हैं. बस्तर डॉक्यूमेंट्री को आपने बहुत प्यार दिया है. अब तक 18 लाख से ज़्यादा लोगों ने इसे देखा है। हमें Bastar Documentary तैयार करने में 8 महीने लग गए. दिसंबर 2025 में, जब जंगल में गोलियाँ चल रही थीं, उसी दौरान हम इसकी शूटिंग कर रहे थे। बहुत जतन, तप, मेहनत और जोखिम के साथ यह पूरी कहानी आपके लिए लेकर आए हैं. उम्मीद करते हैं कि बस्तर का सारा सच दिखाने की कोशिश में हम कामयाब होंगे. आप न सिर्फ़ खुद इसे देखेंगे, बल्कि अपने दोस्तों और परिवारजनों को भी दिखाएँगे. जितने अधिक लोगों तक यह डॉक्यूमेंट्री पहुँचेगी, हमारा हौसला ऐसे काम करने के लिए उतना ही बढ़ता रहेगा. ज़रूर देखिए - Bastar: The Last Battle of Naxal.
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