दिल्ली की कड़कड़डूमा कोर्ट ने 2020 के उत्तर-पूर्वी दिल्ली दंगों से जुड़े एक मामले की सुनवाई के दौरान धार्मिक नारों को लेकर अहम टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ ‘जय सिया राम’ या ‘हर हर महादेव’ जैसे धार्मिक नारे लगाना अपने आप में अपराध नहीं है। हालांकि, अगर इन नारों के साथ ऐसा कोई कृत्य किया जाता है, जिससे दो समुदायों के बीच नफरत, दुश्मनी या तनाव बढ़े, तो स्थिति अलग हो सकती है। अदालत ने साफ किया कि किसी धार्मिक नारे को केवल उसके धार्मिक स्वरूप के आधार पर सांप्रदायिक अपराध नहीं माना जा सकता। अपराध तय करने के लिए यह देखना जरूरी है कि नारे के साथ कोई ऐसा आचरण या कृत्य हुआ था या नहीं, जिससे सांप्रदायिक सौहार्द प्रभावित हुआ। #KarkardoomaCourt #DelhiRiots #DelhiCourt #ReligiousSlogans #LegalNews ( Karkardooma Court, Delhi Riots 2020, Jai Siya Ram, Har Har Mahadev, Religious Slogans, Communal Tension )
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