मध्य प्रदेश के पन्ना जिले के वनहरीकला टपरिया में केन-बेतवा लिंक परियोजना, मझगांय और रूंझ बांध से प्रभावित किसान और आदिवासी परिवारों ने अपने लंबित मुआवजे और पुनर्वास की मांगों को लेकर आंदोलन और तेज़ कर दिया है। मझगांय बांध में बढ़ते जलस्तर के बीच प्रभावितों ने 'चिता आंदोलन' और सांकेतिक फांसी सत्याग्रह के ज़रिए अपना विरोध दर्ज कराया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि परियोजना से उनकी ज़मीन, आजीविका और जंगल प्रभावित हो रहे हैं, इसलिए उन्हें 'ज़मीन के बदले ज़मीन' और पारदर्शी पुनर्वास मिलना चाहिए। दूसरी ओर, प्रशासन का पक्ष है कि मझगांय और रूंझ परियोजनाओं से जुड़े प्रभावित परिवारों के पुनर्वास के लिए 202.50 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि मंज़ूर की गई है। साथ ही सहायता राशि को 5 लाख रुपये से बढ़ाकर 12.50 लाख रुपये प्रति परिवार करने की प्रक्रिया जारी है। हालांकि, लंबे समय से चले आ रहे इस विवाद में प्रभावित परिवार मांगें पूरी होने तक प्रदर्शन पर डटे हुए हैं। #Panna #KenneBetwaLink #Protest #ChitaA #FarmersProtest
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