क्या सावरकर ने अपनी मूल पुस्तक ‘हिंदुत्व’ में धार्मिक पहचान के साथ-साथ अपनी क्षेत्रीय पहचान (मराठा) को भी प्रमुखता दी थी? जानिए बंकिम चंद्र चटर्जी से लेकर सावरकर तक, क्षेत्रीय पहचान और राष्ट्रवाद के इस इतिहास ने आज के राजनीतिक परिदृश्य को कैसे प्रभावित किया है। चर्चा - @neeraj_jhaa और प्रोफ़ेसर शम्सुल इस्लाम लिंक - #Savarkar #Hindutva #BankimChandraChatterjee #RegionalIdentity #MarathaPride
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