हम सब पसीना बहाकर, पाई-पाई जोड़कर टैक्स इसलिए भरते हैं ताकि देश का विकास हो... लेकिन संसद का नजारा देखिए! देश के असल मुद्दों और आम जनता की तकलीफों पर बात करने की जगह वहां सिर्फ 'हंगामा शो' चल रहा है। संसद की एक-एक मिनट की कीमत करीब ढाई लाख रुपये है। पूरे सत्र में 144 घंटे से ज्यादा का समय सिर्फ नारेबाजी और वॉकआउट की भेंट चढ़ गया। नतीजा? हम जनता के ₹216.15 करोड़ पानी में बह गए! आम आदमी महंगाई और बेरोजगारी की मार झेल रहा है, और उधर देश के कानून ऐसे पारित हो रहे हैं जैसे फास्ट-फूड बन रहा हो 3-3 मिनट में बिना किसी चर्चा या बहस के पास! #ParliamentSession #MonsoonSession #IndianPolitics #ParliamentNews
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