'पीएम मोदी एक बार फिर अमेरिकी दबाव के सामने सरेंडर कर रहे हैं. मोदी सरकार ने चुपचाप UPI पर फ़ीस लगाने का रास्ता खोल दिया है. अब ₹2,000 से ऊपर के merchant UPI लेन-देन पर MDR लगाया जा सकता है. सरकार कहती है कि ग्राहक से कोई फ़ीस नहीं ली जाएगी. लेकिन दुकानदार पर लगने वाली फ़ीस आखिर आएगी कहां से? अमेरिकी पेमेंट कंपनियां लंबे समय से भारत की zero-MDR नीति का विरोध करती रही हैं. अब मोदी सरकार ने ठीक उसी दिशा में नीति बदलने का रास्ता खोल दिया है.' -राहुल गांधी, लोकसभा नेता विपक्ष
Open in BitSocialBitSocial — the social app with no off switch