जन सुराज अभियान के सूत्रधार प्रशांत किशोर ने बिहार में हर साल आने वाली विनाशकारी बाढ़ को लेकर राज्य के राजनीतिक नेतृत्व और प्रशासनिक व्यवस्था पर सीधा हमला बोला है। प्रशांत किशोर का कहना है कि बिहार में बाढ़ की समस्या प्राकृतिक से ज्यादा 'प्रशासनिक और राजनीतिक नाकामी' का नतीजा है। दशकों से सरकारें बदलीं, लेकिन नदियों की गाद (siltation) हटाने, तटबंधों के रखरखाव और जल प्रबंधन के लिए कोई ठोस दीर्घकालिक नीति नहीं बनाई गई। प्रशांत किशोर के मुताबिक, हर साल बाढ़ राहत और तटबंधों की मरम्मत के नाम पर आने वाला अरबों रुपये का बजट भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि बाढ़ अब राजनीतिक तंत्र के लिए स्थायी समाधान खोजने का मुद्दा नहीं, बल्कि राहत सामग्री बांटने के नाम पर 'कमाई का जरिया' बन चुकी है। जब तक राज्य में वैज्ञानिक जल प्रबंधन और ठोस बुनियादी ढांचे पर काम नहीं होगा, तब तक उत्तर और सीमांचल बिहार के लोग इसी तरह विस्थापन का दंश झेलने को मजबूर रहेंगे। #PrashantKishor #JanSuraaj #BiharFloods #BiharPolitics #NorthBihar
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