2003 में रेलवे ने हर स्टेशन पर पानी, टॉयलेट, वेटिंग हॉल, बैठने की जगह जैसी बुनियादी सुविधाएं अनिवार्य की थीं। 2018 तक इन्हें पूरा करने की डेडलाइन थी, लेकिन CAG के निरीक्षण में 512 स्टेशनों में सिर्फ 54 पर ही सभी जरूरी सुविधाएं मिलीं। यानी करीब 89% स्टेशनों पर कमी थी। तो सवाल है-जब डेडलाइन 2018 में खत्म हो गई, तो इतने साल बाद भी रेलवे यात्रियों को उनका बुनियादी हक क्सीयों नहीं दे पाया? Video -@hemannt_yadava देखिए पूरी वीडियो Molitics के यूट्यूब चैनल पर लिंक - #IndianRailways #PassengerComplaints #PublicServices #EducationCrisis #HealthcareCrisis
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