नेहा सिंह राठौर ने महाराष्ट्र के बीड की 47 वर्षीय रमाबाई रणवीर की कहानी को लेकर सरकार पर सवाल उठाया। उन्होंने कहा, “अगर देश में एक माँ को अपनी बेटी की फीस भरने के लिए सड़क पर नंगे पैर दौड़ लगानी पड़ रही है तो ये शर्म की बात है या गर्व की? हम किस बात के विश्वगुरु हैं?” दरअसल, रमाबाई ने बेटियों की पढ़ाई के लिए अंबाजोगाई की मैराथन में हिस्सा लिया। चप्पल फिसलने के बाद वह नंगे पैर दौड़ीं और ₹3,000 का पहला इनाम जीता। पति की मौत के बाद वह खाना बनाने का काम कर दोनों बेटियों की पढ़ाई की जिम्मेदारी उठा रही हैं। #NehaSinghRathore #RamabaiRanveer #Maharashtra #WomenEducation #Education
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