बिहार के जमुई में नाबालिग छात्रा के साथ कथित बदसलूकी और मारपीट का वीडियो सामने आने के बाद मामला अब राजनीतिक बहस का भी मुद्दा बन गया है। 19 सितंबर की घटना में कोचिंग से लौट रही नाबालिग छात्रा और उसके दोस्त को कुछ युवकों ने रास्ते में रोक लिया और उनके साथ मारपीट ओर बदसलूकी की गई। पुलिस के मुताबिक, मामले में अब तक तीन आरोपियों को पकड़ा गया है, जबकि अन्य संदिग्धों की भूमिका की जांच जारी है। मामले की जांच के लिए SIT का गठन भी किया गया है। वही बिहार सरकार के मंत्री श्रवण कुमार ने कहा कि ऐसी ‘छिटपुट घटनाओं’ से इनकार नहीं किया जा सकता, सरकार घटना से दुखी है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सवाल यह है-क्या नाबालिग से जुड़ी ऐसी गंभीर घटना को ‘छिटपुट’ कहकर संबोधित करना उचित है? सरकार अपनी नाकामी और प्रशासन की लापरवाही की जवाबदेही तय करने के बजाय, ऐसी गंभीर घटना को ‘छिटपुट’ या सामान्य बताकर उसकी गंभीरता कम करती नजर आ रही है। नाबालिगों की सुरक्षा में चूक की जिम्मेदारी आखिर किसकी तय होगी? #Bihar #Jamui #BiharCrime #LawAndOrder #BiharPolice Bihar | Jamui Case | Minor Harassment | Child Safety | POCSO Act | Bihar Police | Law and Order | JDU | Government Accountability |
Open in BitSocialBitSocial — the social app with no off switch