जैसे-जैसे राजनीतिक बहस का दायरा डिजिटल स्पेस की तरफ बढ़ रहा है, स्वस्थ आलोचना और निजी चरित्र हनन के बीच की रेखा धुंधली होती जा रही है। जब राजनीतिक आलोचना की सीमा पार करके बात AI से बनी आपत्तिजनक तस्वीरों और ट्रोल्स तक पहुँच जाए, तो बहस कहाँ खत्म होती है और चरित्र हनन कहाँ शुरू होता है? साथ ही जाने बॉडी-शेमिंग और चुनिंदा आक्रोश से लेकर ऑनलाइन ट्रोलिंग तक, राजनीतिक मर्यादा की सीमा कहाँ खत्म होती है? वीडियो - @Nivedita_Shan लिंक - #AIPropaganda #AIFakeNews #DeepfakeInPolitics #OnlineTrolling #MisogynyInPolitics #WomenEmpowerment
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