कर्नाटक लोक सेवा आयोग (KPSC) के अध्यक्ष शिवशंकरप्पा एस. साहुकार को लेकर सामने आए मामलों ने आयोग की भर्ती प्रक्रिया और प्रशासनिक पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। The Indian Express की रिपोर्ट के मुताबिक, साहुकार को 2019 में BJP सरकार के दौरान KPSC सदस्य बनाया गया और 2021 में अध्यक्ष नियुक्त किया गया। बाद में कांग्रेस सरकार के कार्यकाल में भी उनके खिलाफ शिकायतें और अधिकारियों के साथ टकराव सामने आए। मामलों में बेटी की कथित फर्जी आय प्रमाण-पत्र के जरिए सरकारी नौकरी में चयन, 400 पशु चिकित्सकों की भर्ती में कथित पेपर लीक और उम्मीदवारों की गोपनीय जानकारी बिचौलियों तक पहुंचने जैसे आरोप शामिल हैं। साहुकार ने आरोपों से इनकार किया है और मामले को राजनीतिक रूप से प्रेरित बताया है। The Indian Express के मुताबिक, 2023–25 के दौरान KPSC के भीतर अधिकारियों की शिकायतें, 2,000 से ज्यादा पदों की भर्ती में गतिरोध और AEE भर्ती में उत्तर पुस्तिकाओं से छेड़छाड़ की जांच भी विवाद का हिस्सा रही। 25 अगस्त 2026 को राज्यपाल ने कैबिनेट की सिफारिश पर साहुकार को निलंबित किया। फिलहाल उनके खिलाफ अलग-अलग मामलों में जांच और कानूनी कार्यवाही जारी है। #KPSC #KarnatakaNews #KPSCScam #RecruitmentScam #IndianExpress
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