सूरत के अग्निकांड से लेकर दिल्ली के ओल्ड राजेंद्र नगर, साकेत, सत्य निकेतन और लखनऊ के अलीगंज तक देश के कोचिंग हब युवाओं के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। डॉक्टर, इंजीनियर, सीए और आईएएस बनने का सपना लेकर घर से दूर रहने वाले छात्र कभी अवैध बेसमेंट के पानी में डूबकर, कभी आग में झुलसकर तो कभी ढहती जर्जर इमारतों के मलबे में दबकर जान गंवा रहे हैं। हर बड़े हादसे के बाद सिर्फ खानापूर्ति के लिए निलंबन और जांच के आदेश दिए जाते हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी जस की तस बनी रहती है। यह स्थिति इस गंभीर सवाल को खड़ा करती है कि कोचिंग और हॉस्टल इलाकों में रहने वाले लाखों छात्रों की सुरक्षा की जिम्मेदारी आखिर किसकी है। #StudentSafety #DelhiCoachingTragedy #OldRajinderNagar #Satyaniketan #LucknowFire
Open in BitSocialBitSocial — the social app with no off switch