यूनिवर्सिटी में सिर्फ 17% कार्यबल बचा है और भर्ती का पावर उस JPSC के पास है, जिसका कोई भी एग्ज़ाम बिना धांधली और विवाद के पूरा नहीं होता। बिना किसी लाइसेंस और 'एग्रीकल्चर काउंसिल' के राज्य में धड़ल्ले से प्राइवेट एग्रीकल्चर कॉलेज खोले जा रहे हैं। उच्च शिक्षा में गुणवत्ता कैसे आएगी, जब राज्य की एकमात्र कृषि यूनिवर्सिटी में पिछले 22 सालों से असिस्टेंट प्रोफेसर की स्थायी नियुक्ति ही नहीं हुई है? शिक्षा व्यवस्था को सुधारने के बजाय इसे प्राइवेट हाथों में क्यों सौंपा जा रहा है? Video -@Nivedita_Shan Link - #JharkhandStudents #JPSCScam #BirsaAgricultureUniversity #EducationSystem
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